परिंदों को मंज़िल मिलेगी यक़ीनन, यह फैले हुए उनके पर बोलते हैं, वह लोग रहते हैं ख़ामोश अक्सर, ज़माने में जिनके हुनर बोलते हैं।
परिंदों को मंज़िल मिलेगी यक़ीनन, यह फैले हुए उनके पर बोलते हैं, वह लोग रहते हैं ख़ामोश अक्सर, ज़माने में जिनके हुनर बोलते हैं।
विपत्ति उन्हीं के पास आती है, जिनमें उन्नति करने की क्षमता होती है। *आज से हम* विपत्तियों को उन्नति करने का माध्यम समझें… 💧 Challenges keep coming again and again only to those who have the capacity to progress! *TODAY ONWARDS LET’S* take challenges as a means to progress. 🍃💫🍃💫🍃💫🍃💫🍃💫🍃