हलदी कुंकुम और Womens Empowerment 2026 Miracle Team Amravati
हलदी कुंमकुम महाराष्ट् मे संक्रन्ती के बाद यह पर्व मानाय जाता है l जहाँ महिलाओ के लिये अलग अलग वाण दिये जाते है वाण मतलब छोटेसे gifts. महिलाओ ला मान छोटी छोटी बातो मे राहता है ये ध्यान मे राखते हुए इस उत्सव को मानाया जाता होगा,.. ऐसाही कुछ अलग तारिके का हलदीकुंकू मैने experience किया प्रियंका पंकज लुंगे टीम की वजह से.
वैसे तो वसंत पंचमीके दीन ही मेरे घर कंगेन Ionizer का installation हुआ था, फीर भी मै नई हुं ऐसी feeling मुझे इस Miracle टीम मे काही नई दिखाई दी
एक और खासियत देखी मुझे प्रियांका मॅम की लीडरशिप मे. आपको डेमो देना है, मै बिजनेस प्लॅन दूंगी, और आप एमगॉर्ड का डेमो देगी बस इतनासा सभीके नाम सभी को अपने अपने काम बाट दिये. और एक झूम मीटिंग का फॉलो अप लिया. और यहा पे हर एक लेडीज मे मुझे सेम कॅलिबर दिख रहा था. मेरे दो दिन पहले ही ये टीम जॉईन की थी इसलिये मुझे शायद ये कुछ तो भी अलग लग रहा था.
बाद मे दिन आया 26 जनवरी 2026. सभी लोग हम बहुत ज्यादा excited थे. वाण के स्वरूप में यहा कोई चीझ नही तो किताबे दी जा रही थी. एक और surprize. एंट्रन्स पे ही हल्दी कुमकुम, तिलगुल, और ‘किताब देकर महिलाओको हॉल मे बिठाया गया.
और प्रोग्राम स्टार्ट हुआ आरंभ है प्रचंड.. इस गाने से. थोडा गाना हुआ नही तो जबरदस्त इंटर के साथ दाखिल हुई एक तलवारबाजी करते हुए एक लडकी गीताई,जो पुरे जोश मे तलवार घुमाते हुए आगे बढ रही थी. बाद मे entry हुई उसीके बडे दीदी,गौरीकी जो लाठी काठी का उत्तम प्रदर्शन कर रही थी.
और इस तरह से एक शानदार entry के साथ साथ शुरु हुआ हलदीकुंकू का प्रोग्राम. संचलन के बाद,पंधरा पंधरा मिनिटं सब को दिये जा चुके थे. इसीमे डेमो, बीजेपीसीन्सस plan, एम गार्ड डेमो बहोत ही सरल तरिके से समजा चुके थे सब लीडर्स.,
इसके बाद program का दुसरा पर्व शुरु किया गया जो की था Womens Empowerment का. जिसकी शुरुवात छत्रपती शिवाजी महाराज के पोवाडेऔर शंखनाद से हुई. और हवाओकी लहरे भी जोश से भर गई अब किया गया हीप्नोटझम.जहाँ ladies ने अपनी अंदर की आवाज सुनने लगि, क्या मिला है, क्या missing है, क्या complaints मे जिंदगी जा रही है..और कुछ रह तो नही गया, ये समझने के बाद कुछ तो रोने भी लगी , बाद मे एक मिनिटं गेम्स, और dj पे डान्स और खासियत थी wish kite जो गुब्बारो की मदत से आंतरिक्ष मे भेजा गया… और last but not least प्रोग्राम का end हुआ पेट पूजा से.
अब सभी महिलाए घर जा रही थी लेकीन एक उम्मीद दिलं मे लिये, उमंग पैदा करके. वो आई थी तब एक सर्व साधारण महिला थी… पर जाते वक्त वो बहोत ही confidant सुलझी हुई दिख रही थी. ये है creation, ये है change. जो एक leader की वजह से ही possible है. और मै आभारी हुं उस परमात्मा की जिसने मुझे इस टीम से मिलवाया, उस के लिये
धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद
Adv Dr रेणुका केवले
अमरावती
31.1.2026

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